सही समय में पानी पीने का महत्व

हम पानी के बिना जीवित नहीं रह सकते। सही मात्रा, सही समय में पानी पीने का जीवन में विशेष महत्व है। हम वृद्ध हो जाते हैं, पर हमें पानी पीने का ढंग नहीं आता है। जबकि सही तरीके से पानी पीने से हम कई बीमारियों से दूर रह सकते हैं।पानी के महत्व को दर्शाते हुए प्रसिद्ध कवि रहीम ने लिखा है।


“रहिमन पानी राखिए, बिन पानी सब सून।
पानी गए न ऊबरे, मोती, मानस, चून।।”


यहां मानस का अर्थ मनुष्य से है।
आज हम सही ढंग से पानी पीने के तरीके जानेंगे।

  • सर्वप्रथम हमें सुबह उठने के पश्चात 2-3 गिलास कुनकना पानी पीना चाहिए, इसमें हम नींबू वा शहद भी मिला सकते हैं, जिससे आपको वजन नियंत्रित करने में भी मदद मिलेगी। अगर आप इसे शुरू करना चाहते हैं तो एकदम से 2-3 गिलास से शुरू न कर कम मात्रा से , अपनी क्षमता और अवस्था को देखते हुए शुरू करे। इस सुबह पीने वाले पानी को हमे तांबे के बर्तन में रखें पानी को प्राथमिकता देनी चाहिए, क्योंकि यह सेहत के लिए ज्यादा फायदेमंद है। इसके लिए रात को तांबे के बर्तन में पानी रख लें, उसे अगले दिन सुबह पिये । तांबे के बर्तन को किसी लड़की के ऊपर रखे ।
  • दूसरा नियम एक गिलास पानी खाना खाने के 30 मिनट पहले का बनाये, यह आपको खाने को पचाने में सहायक होता है।
  • तीसरा नियम एक गिलास पानी नहाने के पहले पिये, यह आपके ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में मदद करता है।
  • चौथा नियम खाना खाने के दौरान और खाना खाने के तुरंत बाद पानी नहीं पीना चाहिए, आवश्यकता अनुसार अल्प मात्रा में पानी पी सकते हैं। खाना खाने के 40 मिनट बाद एक गिलास पानी पीना चाहिए, यह पाचन में अत्यंत मददगार है।
  • पांचवां नियम रात को सोने से पहले एक गिलास पानी पीना चाहिए, यह आपको हृदयाघात से बचाने में मददगार साबित होता है।
  • छठा नियम कभी भी फ्रिज का ठंडा पानी नहीं पीना चाहिए, गर्मी में मटके का पानी पी सकते हैं।
  • अंतिम परन्तु अत्यंत महत्वपूर्ण नियम पानी कभी भी खड़े-खड़े नहीं पीना चाहिए।
  • ऊपर दिए हुए अत्यंत सरल वा व्यहारिक नियमों को अपनाकर स्वस्थ जीवनशैली की और अग्रसर हो सकते हैं।

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